मैदान से मंज़िल तक: क्रिकेट की वो कहानियाँ जो आपकी सोई हुई किस्मत जगा देंगी
प्रस्तावना: क्रिकेट - सिर्फ एक खेल नहीं, जीवन का आईना "हर मुश्किल की गेंद पर छक्का मारिए। मैदान आपका है, बाज़ी आपकी ही होगी!" भारत में जब सुबह होती है, तो सूरज की पहली किरण के साथ ही गलियों में 'बल्ले' की गूंज सुनाई देने लगती है। हमारे लिए क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं है, यह एक जज़्बा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हम इस खेल से इतना प्यार क्यों करते हैं? इसका कारण यह है कि क्रिकेट की हर एक गेंद हमें ज़िंदगी का एक नया सबक सिखाती है। 2025 का साल भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक रहा है, जहाँ हमने न केवल ट्रॉफियां जीतीं, बल्कि दुनिया को दिखाया कि 'हार न मानना' किसे कहते हैं। 1. ऋषभ पंत: मौत को मात देकर मैदान पर वापसी का जुनून अगर हम मोटिवेशन की बात करें और ऋषभ पंत का नाम न लें, तो यह नाइंसाफी होगी। दिसंबर 2022 का वो भयानक एक्सीडेंट, जिसमें उनकी कार जलकर राख हो गई थी और डॉक्टरों ने यहाँ तक कह दिया था कि शायद वो दोबारा चल भी न पाएं। लेकिन पंत ने क्या किया? उन्होंने हार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। 2024-25 में उनकी वापसी और IPL में उनकी कप्तानी यह साबित करती है ...